Part Time & Non Serious Politician ने अचानक अपनी मांगें बदल दीं। घमण्ड में चूर शहज़ादा कह रहा है, "मेरी मर्ज़ी, मैं जो चाहूं, करुंगा"।
वो सदन में चर्चा नहीं करना चाहता।
वो उकसाने, भड़काने, आग़ लगाने की ओछी, टुच्ची, घटिया, वाहियात राजनीति कर देश में:
अस्थिरता
अराजकता
गृहयुद्ध की स्थिति पैदा करनाSee more...