विज्ञान भैरव तंत्र – श्लोक 9> शब्दराशिकलातीतंवर्णमन्त्रविवर्जितम्।यत् तत्त्वं परमानन्दंतद्भैरव इति स्मृतम्॥सरल हिंदी अर्थजो तत्त्व शब्दों के समूह से परे है, जो वर्णों और मंत्रों से रहित है, और जो परम आनंद स्वरूप है—उसी को भैरव कहा जाता है।भावार्थयह श्लोक स्पष्ट करता है कि परम सत्य किसी भाषा, शब्द या See more...