पतंजलि योगसूत्र : अभ्यास से सफलता
अभ्यासवैराग्याभ्यां तन्निरोधः।
— पतंजलि योगसूत्र (1.12)
अर्थ:
मन की वृत्तियों का निरोध (शांति) अभ्यास और वैराग्य से होता है।
अभ्यास का अर्थ है सही दिशा में निरंतर प्रयास करना।
वैराग्य का अर्थ है अनावश्यक इच्छाओं और आसक्तियों से मुक्त होना।
मन को एक दिन में शांत See more...