चिकित्सकीय शिक्षा विभाग द्वारा सेजल पवार का निष्कासन किया जाना बेहद ज़रुरी, वर्ना जिसने लाशों को नहीं छोड़ा वो ज़िन्दों की ज़िन्दगियां उजाड़ेगी। कोई सहानुभूति नहीं, कोई महिला Victim Card नहीं, कोई घड़ियाली टसुवे नहीं, कोई जात पात नहीं, कोई रियायत नहीं।